7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

केंद्र सरकार के कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए अच्छी खबर है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने उनके महंगाई भत्ते (DA) में तीन फीसदी की बढ़ोतरी का फैसला किया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union cabinet) की आज हुई बैठक में इसे मंजूरी दी गई। इसके साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों का डीए अब 31 फीसदी से बढ़कर 34 फीसदी हो गया है

यह फैसला एक जनवरी 2022 से लागू होगा। इससे करीब 47.68 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा।

सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर हर साल 9544.50 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों का DA साल में दो बार जनवरी से जुलाई के बीच अपडेट किया जाता है। महंगाई भत्ते की वर्तमान दर को मूल वेतन से गुणा करके DA का कैलकुलेशन किया जाता है।

सरकारी कर्मचारियों और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को DA दिया जाता है।

यह कर्मचारियों को उनके रहने के खर्च में मदद करने के लिए दिया जाता है। डीए में बढ़ोतरी से केंद्रीय कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में पिछले कई दिनों से बढ़ोतरी हो रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमत पिछले नौ दिनों में आठ किस्तों में 5.60 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुकी है। इससे महंगाई का खतरा बढ़ गया है।

कितना होगा फायदा पहले केंद्रीय कर्मचारियों के डीए की गणना 2001 को बेस ईयर मानकर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर होती थी।

लेकिन अब 2016 को बेस ईयर मानते हुई इसे नए सीपीआई के मुताबिक इसकी गणना होती है। सरकार ने कहा कि 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th Central Pay Commission) की सिफारिशों के मुताबिक तय फॉर्मूले के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी की गई है।

सरकार ने पिछले साल जुलाई में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी किया था। अक्टूबर में इसमें फिर तीन फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी।

अब इसे बढ़ाकर 34 फीसदी कर दिया गया है। डीए में बढ़ोतरी से अब 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर महंगाई भत्ता 6,120 रुपये हो जाएगा।

इसी तरह अधिकतम सैलरी स्लैब वाले कर्मचारियों का डीए बढ़कर 19,346 रुपये प्रति माह हो जाएगा।

केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को 18 महीने यानी एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच डीए का भुगतान नहीं किया है। कर्मचारी लंबे समय से इसके भुगतान की मांग कर रहे हैं।