Srushti Deshmukh : पढ़ाई के 10 साल बाद किया यूपीएससी में टाॅप, ऐसी है इस महिला आईएएस की सफलता की कहानी

UPSC EXAM की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों में से बहुत कम ऐसे छात्र होते हैं जो देश की सबसे कठिन परीक्षा को पहले प्रयास में ही सफल कर जाएं.

Srushti Deshmukh का नाम ऐसे ही आईएएस ऑफिसर में का नाम ऐसे ही छात्रों में शामिल है.

इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हुए सृष्टि देशमुख यूपीएससी की तैयारी की और अपने पहले प्रयास में ही आईएएस ऑफिसर बन गई.

उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती है.

 Srushti Deshmukh का जन्म 28 मार्च 1996 को भोपाल के जयंत देशमुख और सुनीता देशमुख के घर हुआ.

जयंत देशमुख एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर के पद पर काम रहे हैं जबकि सृष्टि की मां सुनिता निजी स्कूल में टीचर है.

मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली सृष्टि ने इंटरमीडिएट के बाद इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था.

मध्य प्रदेश के भोपाल के कस्तूरबा नगर की रहने वाली हैं. कार्मेल कान्वेंट स्कूल भेल भोपाल से स्कूली शिक्षा पूरी की.

इंजीनियरिंग के तीसरे साल में सृष्टि ने सोचा कि क्या वे इंजीनियर की नौकरी पूरी जिंदगी कर सकती हैं

ऐसे में उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया.

उन्होंने तीसरे साल से ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.

ग्रेजुएशन कंप्लीट होने के बाद उन्होंने तैयारी को और मजबूत किया और पहले प्रयास में परीक्षा पास कर ली. यूपीएससी परीक्षा 2018 में भाग्य आजमाया और पहली ही बार में पांचवीं रैंक हासिल कर आईएएस बन गईं.

2018 बैच की आईएएस अधिकारी सृष्टि जयंत देशमुख की पहली पोस्टिंग मध्य प्रदेश के डिंडौरी में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में हुई थी.

अब हाल ही सृष्टि देशमुख का तबादला मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में उपखंड अधिकारी पद पर किया गया है.

Srushti Deshmukh का मानना है कि अगर आप यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको निगेटिव लोगों से दूर रहना चाहिए

वे कहती हैं कि तैयारी के दौरान ऐसे लोग आपको डिमोटिवेट करने की कोशिश करेंगे, जिससे आपकी परफॉर्मेंस प्रभावित होगी.